
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर में पशु चोरी की घटनाओं पर नकेल कसते हुए गोलमुरी थाना अंतर्गत टाइगर मोबाइल के जवानों ने रविवार सुबह एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. टिनप्लेट गोलचक्कर के पास सुबह करीब 4 बजे संदेह के आधार पर एक सफेद रंग की आइ-20 कार (जिसकी खिड़कियों पर अवैध रूप से काली फिल्म लगी थी) को रोका गया. जांच में कार के भीतर आठ बकरियां ठूंसी हालत में पाई गईं. कार में सवार तीन युवकों को तत्काल हिरासत में ले लिया गया.
पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपियों की पहचान मानगो आजादबस्ती रोड नंबर निवासी आसिफ उर्फ कल्लू, गुलाबबाग फेज टू निवासी लोहा बच्चा और रोड नंबर 13 निवासी नजीर के रूप में हुई है. पूछताछ के दौरान तीनों युवकों ने कबूल किया कि वे उड़ीसा के रायरंगपुर इलाके से बकरियां चुराकर जमशेदपुर ला रहे थे, जहां गोलमुरी गाढ़ाबासा स्थित एक मीट दुकान में उन्हें बेचने की योजना थी.
पुलिस को शक हुआ था जब तड़के सुबह टाइगर मोबाइल की गश्ती टीम ने काली फिल्म लगी तेज रफ्तार कार को टिनप्लेट गोलचक्कर के पास देखा. पूछताछ में युवकों के जवाब संदिग्ध लगे, जिसके बाद वाहन की तलाशी ली गई. तलाशी में गाड़ी के पीछे हिस्से में आठ जिंदा बकरियां बेहद अमानवीय तरीके से ठूंसी हुई पाई गईं.
गोलमुरी थाना प्रभारी ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ बकरी चोरी और पशु क्रूरता अधिनियम की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है. वाहन को जब्त कर लिया गया है और चोरी की गई बकरियों को स्थानीय पशु स्वास्थ्य केंद्र में सुरक्षित भेजा गया है, जहां उनकी चिकित्सकीय जांच की जा रही है.
थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच से स्पष्ट हो गया है कि यह कोई इक्का-दुक्का घटना नहीं है, बल्कि संगठित रूप से पशु चोरी और अवैध व्यापार का मामला हो सकता है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गाढ़ाबासा की मीट दुकान इस चोरी में कितनी संलिप्त है. दुकान मालिक से पूछताछ की जाएगी और जरूरत पड़ी तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
टेल्को सर्किल के डीएसपी ने इस विषय में बयान देते हुए कहा, “टाइगर मोबाइल के जवान सतत गश्ती में लगे रहते हैं. चोरी, अवैध पशु व्यापार या मांस कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल हम रायरंगपुर पुलिस से संपर्क कर बकरी मालिकों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं.”
पुलिस द्वारा जब्त गाड़ी के कागजातों की भी जांच की जा रही है. साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इन युवकों का कोई आपराधिक इतिहास रहा है या नहीं. तीनों से पूछताछ के आधार पर कुछ अन्य नाम भी सामने आए हैं, जिनकी जांच की जा रही है.
पुलिस ने बताया कि चोरी की पुष्टि और उनके मूवमेंट को ट्रैक करने के लिए उड़ीसा के रायरंगपुर से लेकर जमशेदपुर तक के कई स्थानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं. साथ ही बॉर्डर इलाकों पर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी गई है.
बकरी मालिकों की पहचान की कोशिश
बकरियों पर किसी प्रकार की टैगिंग या पहचान चिन्ह नहीं था, जिससे उनके मालिक की पहचान करने में दिक्कत आ रही है. उड़ीसा प्रशासन से संपर्क कर आसपास के गांवों में हालिया बकरी चोरी की रिपोर्ट ली जा रही है. जल्द ही बकरी मालिकों से संपर्क कर उन्हें पशु सौंपे जाएंगे.
आसिफ कल्लू, लोहा बच्चा और नजीर के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, चोरी, और मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
टाइगर मोबाइल की तत्परता से एक बड़ी चोरी और अवैध पशु व्यापार का पर्दाफाश हुआ है. इस तरह की कार्रवाई न केवल पशु कल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह संगठित अपराध पर लगाम लगाने की दिशा में भी एक मजबूत कदम है. पुलिस की सतर्कता और नागरिकों के सहयोग से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है.

