
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिदगोड़ा थाना पुलिस ने फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी के गंभीर मामलों में संलिप्त गौरी मिश्रा को न्यायालय के आदेश पर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. आरोपित गौरी मिश्रा, जो कि घाटशिला के गोपालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास रहने वाले सकलदेव मिश्र की पुत्री है, वर्तमान में सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के दस नंबर बस्ती, पदमा रोड स्थित एक किराए के मकान में रह रही थी.
फ्लैट दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी
गौरी मिश्रा पर पहला आरोप फ्लैट दिलाने के नाम पर आम नागरिकों से लाखों रुपये की ठगी करने का है. इस संबंध में पुलिस को पहले से सूचना थी, और उसे साकची गोलचक्कर के पास से हिरासत में लिया गया था. प्रारंभिक पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि उसके खिलाफ अन्य कई मामलों में शिकायतें दर्ज हैं.
फर्जी चेक देकर 6 लाख की धोखाधड़ी
गिरफ्तारी के बाद एक और गंभीर मामला सामने आया, जिसमें आरोपित ने एक व्यक्ति को फर्जी चेक के माध्यम से करीब 6 लाख रुपये का चूना लगाया था. पीड़ित आर.के. सिंह ने सिदगोड़ा थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में दोस्ताना संबंधों के तहत उन्होंने गौरी मिश्रा को 6 लाख रुपये उधार दिए थे. गौरी ने भरोसा दिलाया था कि वह दो वर्षों में यह राशि लौटा देगी. लेकिन समय बीतने के बाद जब उन्होंने पैसे की मांग की, तो गौरी ने उन्हें चेक थमा दिया.
आर.के. सिंह द्वारा उक्त चेक को बैंक में जमा किया गया, लेकिन चेक बाउंस हो गया. इसके बाद उन्होंने कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए वकील के माध्यम से कोर्ट में केस दायर किया. कोर्ट से नोटिस भेजे जाने के बावजूद गौरी मिश्रा न तो न्यायालय में उपस्थित हुईं, और न ही किसी प्रकार की सफाई दी.
कुर्की जब्ती की प्रक्रिया भी हुई शुरू
न्यायालय द्वारा जारी बार-बार की नोटिस की अवहेलना के चलते अंततः अदालत ने कुर्की जब्ती का आदेश जारी कर दिया. इसके बावजूद भी आरोपी अदालत में हाजिर नहीं हुई. इसके चलते गैर-जमानती वारंट जारी किया गया था.
दूसरी गिरफ्तारी ने खोले पुराने मामले
सिदगोड़ा थाना की टीम ने गौरी मिश्रा को साकची आई हॉस्पिटल के पास से तब गिरफ्तार किया जब वह ओंकार सिंह द्वारा दायर एक अन्य मामले में नामजद थी. इस मामले में भी आरोप था कि उसने बड़ी रकम गबन की थी.
गिरफ्तारी के समय ही आर.के. सिंह के अधिवक्ता ने अदालत में पहले से जारी गैर-जमानती वारंट की प्रति प्रस्तुत की. अदालत ने दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया.
पुलिस कर रही मामलों की पड़ताल
सिदगोड़ा थाना प्रभारी ने बताया कि गौरी मिश्रा के खिलाफ पहले से कई शिकायतें लंबित हैं और पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने और किन-किन व्यक्तियों से धोखाधड़ी की है. इस बात की भी आशंका है कि आरोपी ने इसी प्रकार से अन्य लोगों से भी फ्लैट दिलाने या उधार पैसे लेकर फर्जी चेक के जरिए धोखा दिया हो.
महिला का पेशेवर अपराध की ओर झुकाव
पुलिस सूत्रों की मानें तो गौरी मिश्रा कोई साधारण ठग नहीं है, बल्कि उसका अंदाज पेशेवर अपराधियों जैसा है. वह लोगों से मधुर संबंध बनाकर पहले उनका विश्वास जीतती थी, फिर उन्हें संपत्ति, फ्लैट, या आर्थिक मदद का झांसा देकर लाखों रुपये हड़प लेती थी.
पुलिस कर रही अन्य शिकायतों की समीक्षा
थाना स्तर पर अब तक प्राप्त शिकायतों की समीक्षा की जा रही है. जिन व्यक्तियों ने अब तक पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी, उनसे भी आगे आकर जानकारी साझा करने की अपील की गई है. पुलिस का मानना है कि यदि पीड़ित खुलकर सामने आते हैं, तो आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत जुटाए जा सकते हैं.
प्रशासन की सख्ती से बढ़ी उम्मीदें
पुलिस प्रशासन द्वारा समय पर कार्रवाई करने से क्षेत्रवासियों में न्याय मिलने की उम्मीद जगी है. सिदगोड़ा थाना क्षेत्र में पिछले कुछ समय से फर्जीवाड़े के मामलों में वृद्धि हुई थी, जिससे आमजन परेशान थे. लेकिन पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई और न्यायालय के सहयोग से इस मामले में आरोपी को जेल भेजा जाना प्रशासन की सक्रियता को दर्शाता है.

