
उदित वाणी,जमशेदपुर : हाता निवासी और सूरज बस के मालिक विनोद कर ने अपने 23 वर्षीय पुत्र सूरज कर की मौत को सड़क हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या बताया है। शनिवार को हाता स्थित अपने आवास में प्रेस को संबोधित कर उन्होंने कहा कि वे सुंदरनगर थाना से लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक तक कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
विनोद कर ने बताया कि 15 सितंबर की रात करीब 9:30 बजे उन्हें कालियाबेड़ा से फोन आया कि सूरज का एक्सीडेंट हो गया है। घायल सूरज को तत्काल टीएमएच लाया गया, जहां डॉक्टरों ने कहा कि उसकी चोटें सड़क दुर्घटना से मेल नहीं खा रही हैं। बाद में उसे ओडिशा रेफर किया गया, जहां के डॉक्टरों ने भी यह पुष्टि की कि मामला दुर्घटना नहीं बल्कि संदिग्ध है।
उन्होंने कहा कि सूरज की मौत एक साजिश के तहत की गई हत्या है। बावजूद इसके, पुलिस प्रशासन की ओर से निष्पक्ष जांच नहीं की जा रही है। इस दौरान मृतक की मां संगीता कर सहित परिजन फफक-फफककर रो पड़े। परिवार का कहना है कि सूरज के हत्यारों को बचाने की कोशिश की जा रही है।
विनोद कर ने कहा कि वे जल्द ही कोल्हान डीआईजी और डीजीपी से मुलाकात कर पूरे मामले से अवगत कराएंगे और सीबीआई जांच की मांग करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे झारखंड हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। परिजनों ने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि सूरज को न्याय और परिवार को इंसाफ मिल सके।

