
उदित वाणी, जमशेदपुर : चक्रधरपुर रेल मंडल में मानव तस्करी के खिलाफ रेलवे सुरक्षा बल की सतर्कता एक बार फिर रंग लाई है. वरीय समादेष्टा पी. शंकर कुट्टी की निगरानी में पूरे डिवीजन में चलाए जा रहे अभियान के दौरान टाटानगर रेलवे स्टेशन पर मानव तस्करी का बड़ा मामला पकड़ा गया. गुप्त सूचना के आधार पर मंडल में गठित उड़नदस्ता दल ने तत्परता दिखाते हुए दो मानव तस्करों को गिरफ्तार किया, जो 12 नाबालिग लड़कियों और एक नाबालिग लड़के को मजदूरी कराने के लिए राज्य के बाहर ले जाने की फिराक में थे.
पकड़े गए मानव तस्करों की पहचान सुनील चातोम्बा और जाम्बिरा चातोम्बा के रूप में हुई है. दोनों आरोपी हाट गम्हरिया थाना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं. आरपीएफ टीम ने जब टाटानगर स्टेशन पर संदिग्ध गतिविधि देखी तो पूछताछ के दौरान पूरा मामला खुलकर सामने आया. तस्कर बच्चों को बहला-फुसलाकर पहले जमाकर रखते थे और फिर बेहतर नौकरी का लालच देकर बाहर ले जाने की तैयारी में थे.
मुक्त कराई गई 12 किशोरियां और एक किशोर पश्चिमी सिंहभूम और इसके आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले हैं. सभी नाबालिगों को सुरक्षित संरक्षण में ले लिया गया है और उनकी काउंसलिंग कराई जा रही है. प्रारंभिक पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें मजदूरी कराने के लिए बाहर ले जाया जा रहा था.
गिरफ्तार दोनों तस्करों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रेल थाना टाटानगर को सौंप दिया गया है. यह पूरी कार्रवाई रेलवे सुरक्षा बल के ऑपरेशन एएचटीयू (मानव तस्करी रोधी इकाई) के तहत की गई, जिसके तहत लगातार मानव तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है. आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई ने एक बड़े मानव तस्करी नेटवर्क को कमजोर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

