
उदित वाणी, जमशेदपुर : टीपी सोलर लिमिटेड ने अप्रैल 2025 से दिसंबर 2025 की 9 महीने की अवधि में मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रमें शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है. टीपी सोलर लिमिटेड, टाटा पावर कंपनी लिमिटेड (टाटा पावर) की सहायक कंपनी ‘टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड’ के पूर्ण स्वामित्व वाली सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकाई है.इस अवधि के दौरान कंपनी ने 2.8 गीगावाट ‘डोमेस्टिक कंटेंट रिक्वायरमेंट’ (डीसीआर) सोलर सेल और 2.9 गीगावाट सोलर मॉड्यूल का निर्माण किया.
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में टीपी सोलर ने 940 मेगावाट सेल्स का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 196 मेगावाट के मुकाबले लगभग 5 गुना अधिक है. मॉड्यूल उत्पादन भी पिछले साल के 927 मेगावाट की तुलना में 990 मेगावाट रहा, जो करीब 7 फीसदी की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है. यह परिणाम कंपनी की उत्पादन क्षमता में निरंतर विस्तार और बेहतर कार्यकुशलता को रेखांकित करता है.
80 फीसदी महिलाएं काम करती है
टीपी सोलर तमिलनाडु के तिरुनेलवेली में भारत की सबसे बड़ी सोलर सेल और मॉड्यूल बनाने वाली फैक्ट्री चलाती है, जिसकी क्षमता 4.3 गीगावाट है. यह एक ही जगह पर स्थित देश की सबसे आधुनिकफैक्ट्रियों में से एक है. इस केंद्र की एक और बड़ी विशेषता यह है कि यहां के कर्मचारियों में लगभग 80 फीसदी महिलाएं हैं, जो समावेशी विकास के प्रति कंपनी की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
टाटा पावर ने अपनी सहायक कंपनी टाटा पावर रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड के माध्यम से इस प्लांट को बनाने में करीब 4,300 करोड़ का निवेश किया है. यह निवेश सोलर वैल्यू चेन के स्वदेशीकरण की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है और सोलर सेल व मॉड्यूल के निर्माण में आत्मनिर्भर बनने के कंपनी के रणनीतिक लक्ष्य को और मजबूत करता है.
