
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा वर्कर्स यूनियन की फाइनेंस कमेटी की बैठक में एजुकेशन लोन पर उठे विवाद के बाद मामले को निपटा लिया गया. सोमवार को कमेटी की बैठक में एजुकेशन लोन लेने के नियमों को तैयार कर पेश किया गया, जो सर्वसम्मति से पारित हो गया. बैठक में कोषाध्यक्ष आमोद दुबे ने वित्तीय वर्ष 2024-25 की अंकेक्षित रिपोर्ट तथा जुलाई, अगस्त और सितंबर 2025 का एकाउंट पेश किया, जिसे पारित किया गया. बताया गया कि अब यूनियन के कर्मचारियों को अधिकतम 6 लाख रुपए तक एजुकेशन लोन मिलेगा.
संस्थानों की केटेगरी
एजुकेशन लोन के लिए संस्थानों की केटेगरी भी तय कर दी गई है. ए केटेगरी के तहत आनेवाले संस्थानों के लिए अधिकतम 6 लाख रूपए और इससे नीचे के श्रेणी के संस्थानों के लिए अधिकतम 5 लाख रूपये लोन दिया जाएगा. इस नियम के तहत 4 लाख रूपये तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं लगेगा. इस राशि से ऊपर की राशि पर 2.5 प्रतिशत ब्याज लगेगा.
लोन की राशि सेमेस्टर का रिजल्ट दिखाने पर प्रति सेमेस्टर दी जाएगी. अब यह नियम ऑफिस ऑर्डर निकलने के बाद लोन लेने वालों के लिए लागू होगा. बैठक में नियम विरुद्ध एजुकेशन लोन देने और उस पर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल भी उठे.
यह बात भी सामने आई कि 2017 में बने नियम के अनुसार 5 प्रतिशत ब्याज दर पर अधिकतम दो लाख रुपए तक लोन देने का प्रावधान था. बैठक में सभी पदाधिकारी संजीव चौधरी, सतीश सिंह, शैलेश सिंह, आमोद दुबे, डॉ शाहनवाज आलम, संजय सिंह, संजीव तिवारी, राजीव चौधरी, नितेश राज, श्याम बाबू, अजय चौधरी, गुलाब चंद यादव, गुरशरण सिंह, निलेश सिंह मनोज मिश्रा आदि शामिल थे.
