उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील में ग्रेड होने के बाद टाटा समूह की अन्य कंपनियों में भी लंबित ग्रेड की गाडी आगे बढ़ेगी. टाटा स्टील की टीएसडीपीएल, ब्लूस्कोप और टिनप्लेट जैसी इकाइयों में ग्रेड में दो साल से ज्यादा की देरी हो चुकी है. लेकिन सूत्रों और यूनियन नेताओं के मुताबिक, जून 2026 तक ज्यादातर कंपनियों में ग्रेड समझौता हो जाएगा. यह सिर्फ वेतन-ग्रेड की औपचारिकता नहीं, बल्कि कर्मचारियों के मनोबल और उत्पादकता का सवाल है.
टीएसडीपीएल: 32 महीने की देरी, 7 साल का हो सकता है ग्रेड
टीएसडीपीएल में ग्रेड 1 अक्टूबर 2023 से लंबित है – यानी लगभग 32 महीने की देरी. पिछला ग्रेड 6 साल का था. यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय साफ कहते हैं, “प्रबंधन 2 साल बढ़ाने की बात कर रहा है, लेकिन हम 1 साल से ज्यादा नहीं बढ़ा पाएंगे.” नतीजा? संभावना है कि इस बार 7 साल का ग्रेड हो. पांडेय उम्मीद जताते हैं ग्रेड सम्मानजनक समझौता हो जाएगा.
टाटा ब्लू स्कोप और टिनप्लेट: 26 महीने से ज्यादा का इंतजार
टाटा ब्लू स्कोप में 1 अप्रैल 2024 से (26 महीने) और टिनप्लेट में पुरानी सीरीज के कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2024 तथा नई सीरीज के लिए 1 अप्रैल 2025 से ग्रेड लंबित है. दोनों जगह पिछला ग्रेड 6 साल का था. यहां भी राकेश्वर पांडेय की यूनियन सक्रिय है और नए वित्तीय वर्ष में जल्द समझौते की कोशिश कर रही है. टिनप्लेट में टाटा स्टील के अधिग्रहण के बाद भी पुरानी और नई सीरीज का ग्रेड अलग-अलग रखा जाएगा.
टीआरएफ- 6 साल का ग्रेड, 5 महीने पहले ही लंबित
टीआरएफ में 1 जनवरी 2026 से ग्रेड की मियाद खत्म हो चुकी है. पिछली बार 5 साल का ग्रेड हुआ था, लेकिन इस बार 6 साल की अवधि तय होने की संभावना है. नए वित्तीय वर्ष में यहां भी प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है.
टाटा कमिंस और टिमकेन: अप्रैल-मई में लंबित, लेकिन समय पर उम्मीद
टाटा कमिंस में 1 अप्रैल 2026 से ग्रेड लंबित है. पिछली बार 4 साल का ग्रेड देरी से हुआ था. नई यूनियन टीम का लक्ष्य है – इस बार समय पर, भले ही अवधि 4 साल ही रहे. टिमकेन शहर की एकमात्र कंपनी है जहां ग्रेड की मियाद सिर्फ 3 साल की है. 1 मई 2026 से लंबित हो गया है, लेकिन यूनियन की नई टीम पिछली बार दो ग्रेड एक साथ करवा चुकी है. उम्मीद है कि इस बार भी समय पर हो जाएगा.
एनालिसिस: ग्रेड अवधि बढ़ने का ट्रेंड और कर्मचारी मनोबल
देखा जाए तो ज्यादातर कंपनियों में ग्रेड की अवधि 5-6 साल से बढ़कर 7 साल हो रही है. यह प्रबंधन की रणनीति लगती है – कम बार वार्ता, कम खर्च और ज्यादा स्थिरता. लेकिन कर्मचारी पक्ष इसे “वेतन वृद्धि में देरी” मानता है. टाटा मोटर्स के समय पर ग्रेड ने पूरे शहर में सकारात्मक संदेश दिया. जहां एक तरफ देरी से कर्मचारियों में निराशा फैली थी, वहीं अब जून 2026 को “ग्रेड समाधान का महीना” माना जा रहा है.


