
उदित वाणी, जमशेदपुर : सामुदायिक सहभागिता पहल के तहत टाटा स्टील के कॉर्पोरेट सर्विसेज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और कर्मचारियों ने पोटका प्रखंड के टेटला पंचायत भवन का दौरा किया. उन्होंने प्रगति उद्योग महिला समिति की महिला उद्यमियों से बातचीत की, जो टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा समर्थित स्वयं सहायता समूहों का एक समूह है.
दौरे में शामिल प्रतिनिधिमंडल में डीबी सुंदरा रामम, वाइस प्रेसिडेंट – कॉर्पोरेट सर्विसेज, वरुण बजाज, चीफ – टाउन इंफ्रास्ट्रक्चर एवं लॉजिस्टिक्स और मुकुल विनायक चौधरी, चीफ – स्पोर्ट्स शामिल थे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करना, स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देना तथा पारंपरिक कला और संस्कृति का जश्न मनाना था.
संवाद के दौरान महिलाओं ने हस्तनिर्मित उत्पादों की एक विविध श्रृंखला प्रदर्शित की, जिसमें प्राकृतिक साबुन, पारंपरिक आभूषण और जनजातीय परिधान शामिल थे. टीम के सदस्यों ने महिलाओं के साथ मिलकर सोहराय पेंटिंग की बारीक तकनीकें भी सीखीं. यह जनजातीय कला रूप क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को अभिव्यक्त करता है.
मार्केटिंग के गुर बताएं
कॉर्पोरेट लीडर्स ने विपणन रणनीतियों, उत्पाद प्रस्तुति और कौशल विकास पर उपयोगी सुझाव दिए तथा महिलाओं को व्यापक बाजारों और डिजिटल प्लेटफॉर्म की संभावनाओं को तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया. उनके मार्गदर्शन का प्रतिभागियों ने उत्साह और सराहना के साथ स्वागत किया, जिससे कॉरपोरेट और समुदाय के बीच सहयोग की महत्ता और भी मजबूत हुई.
सिलाई मशीन दी गई
सहयोग की भावना के तहत टीम ने स्वयं सहायता समूहों को सिलाई मशीनें भेंट कीं, ताकि उनके आजीविका प्रयासों को प्रोत्साहन मिले और सतत आय सृजन को बढ़ावा मिल सके.यह पहल समावेशी विकास, महिला सशक्तिकरण और सांस्कृतिक संरक्षण के प्रति टाटा स्टील की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. यह कंपनी के व्यापक सीएसआर लक्ष्यों और समुदाय आधारित प्रगति के विज़न के अनुरूप है.

