
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील के वीपीसीएस डीबी सुंदरा रामम ने कहा कि हमारी कोशिश है कि 2030 तक 10 मिलियन यानि एक करोड़ लोगों की जिंदगी बदले. टाटा स्टील के ऑपरेशन में आने वाले झारखंड और ओडिशा के अलावा हम महाराष्ट्र, यूपी और पंजाब के लोगों की जिंदगी भी बदल रहे है. इन प्रदेशों में भी टाटा स्टील ने अपनी इकाईयां लगाई हैं. उन्होंने बताया कि टाटा स्टील सालाना लगभग 600 करोड़ रूपए केवल अपने ऑपरेशंस के आसपास के लोगों की जिंदगी बदलने के लिए लगा रहा है. इसमें से 100 करोड़ दूसरी कंपनियों का भी अनुदान है. हमारी कोशिश है कि भारत सरकार और प्रदेश सरकार की जो सरकारी योजनाएं हैं, उनके बारे में भी लोगों को जागरूक करें, ताकि उसका लाभ वे उठा सके. सरकार की 3700 करोड़ रूपए की जो योजनाएं हैं, उसे हम लोगों तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं.
बिजली-पानी की सुविधा को बढ़ाया
वीपीसीएस ने बताया कि 2025 में हमने जमशेदपुर के लोगों के लिए कई नए प्रोजेक्ट्स को पूरा किया है, जिसमें जमशेदपुर पूर्वी में टिनप्लेट सब स्टेशन के साथ ही 5 एलडी के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया है. इससे इस क्षेत्र में पानी-बिजली की उपलब्धता न केवल बढ़ी है बल्कि इसकी गुणवत्ता भी बेहतर हुई है. उन्होंने बताया कि टाटा स्टील, शहर के लोगों की जिंदगी को बदलने के अपने प्रयास को जारी रखेगा.
नवल टाटा हॉकी एकेडमी में गर्ल्स हॉस्टल का होगा उदघाटन
वीपीसीएस ने बताया कि टाटा स्टील हमेशा की तरह खेल के क्षेत्र में भी काम करता रहा है. नवल टाटा हॉकी एकेडमी में लड़कियों के लिए 52 सीटों का छात्रावास बनकर तैयार है, जिसका उदघाटन इस साल होगा. हमारी कोशिश है कि हेल्थ को लेकर भी हम अपनी सुविधाओं को बढ़ाएं. हाल ही में मेरामंडली में हमने 15 बेड का हॉस्पिटल तैयार किया है, ताकि वहां के कर्मचारियों का बेहतर इलाज हो सके. कलिंगानगर में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनकर तैयार है. टीएमएच में हम लगातार सुविधाओं का विस्तार कर रहे हैं. स्पाइन क्लीनिक के साथ ही हाल में हमने ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम शुरू किया है. अमूमन बुजुर्गों की शिकायत रहती थी कि उनके बच्चे बाहर रहते हैं, वे इलाज का खर्च सही समय पर भेज नहीं पाते. अब हमने ऐसा सिस्टम कर दिया है कि दुनिया के किसी भी जगह से आप बिल का भुगतान कर सकते हैं.
शहर में खाली जगहों पर पार्क-गार्डेन बना रहे
डीबी सुंदरा रामम ने बताया कि शहर को हरा भरा रखने के लिए हम लगातार प्रयास कर रहे हैं. शहर के खाली जगहों को हम पार्क और गार्डेन में बदल रहे हैं. साथ ही जैव विविधता पर भी काम कर रहे हैं ताकि शहर की हरियाली कायम रहे.

