
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा पावर जोजोबेड़ा प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों के आर्थिक शोषण को लेकर असंतोष चरम पर पहुंच गया है. मजदूर यूनियन का आरोप है कि जहां कंपनी में मात्र 100 स्थायी कर्मचारी हैं, वहीं लगभग 600 ठेका मजदूर वर्षों से विभिन्न विभागों में सेवा दे रहे हैं. इनमें अधिकांश स्थानीय आदिवासी एवं मूलवासी श्रमिक शामिल हैं, जो 15-20 वर्षों से जुड़े हुए हैं.
मजदूर नेता अंबुज ठाकुर ने बताया कि ये ठेका मजदूर ईएसपी, वेट ऐश, मिल, बॉयलर, टरबाइन, सीएचपी, सी एंड आई, इलेक्ट्रिकल, कैंटीन, फायर, सिक्योरिटी, हाउसकीपिंग, गार्डन, रेलवे ट्रैक, लोको तथा डोजर जैसे विभागों में विभिन्न ठेकेदारों के अधीन कार्यरत हैं. इन्हें सामाजिक सुरक्षा, ग्रेड रिवीजन, उचित ओवरटाइम भुगतान एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही हैं. इसी मांग को लेकर यूनियन ने 15 दिसंबर 2025 को उप श्रमायुक्त, जमशेदपुर को ज्ञापन सौंपा था.
यूनियन का दावा है कि ज्ञापन के कुछ दिनों बाद ही टाटा पावर के आईआर मैनेजर सुभोजित घोष के निर्देश पर ठेकेदार आर.के. इरेक्टर ने दो ठेका मजदूरों—पवन कुमार एवं संजीव प्रसाद—को जोजोबेड़ा से हटाकर साकची के पावर हाउस-7 में स्थानांतरित कर दिया. ये दोनों मजदूर छह माह पूर्व 30 दिनों तक लगातार कार्य कराए जाने के खिलाफ आवाज उठा चुके थे, जिसे यूनियन दमनात्मक कार्रवाई बता रही है.
मजदूरों के बीच चर्चा है कि टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदारों से कथित रूप से मोटी रकम वसूली जाती है और कम दरों का हवाला देकर मजदूरों से जबरन समझौता कराया जाता है. यूनियन का आरोप है कि नौकरी से बर्खास्तगी का भय दिखाकर सुरक्षा उपकरण, भुगतान पर्ची, हाजिरी कार्ड एवं डबल ओवरटाइम जैसी सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है. इससे मजदूरों में भारी आक्रोश फैल गया है.
इस मामले की जानकारी जिला प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है. यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि हड़ताल या आंदोलन होता है तो जिम्मेदारी टाटा पावर प्रबंधन एवं ठेकेदारों की होगी. उप श्रमायुक्त कार्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 जनवरी 2026 को डीएलसी कार्यालय में वार्ता निर्धारित की है. यूनियन ने तब तक शांति बनाए रखने की अपील की है, लेकिन किसी उकसावे पर कंपनी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा.
यूनियन ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की मांगें पूरी होने एवं पवन कुमार-संजीव प्रसाद की जोजोबेड़ा में बहाली तक आंदोलन जारी रहेगा. सोमवार को टाटा पावर गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया, जिसमें सैकड़ों मजदूरों ने नारेबाजी की.

