
फोटो-1.मनोज कुमार सिंह, 2-धीरज कुमार सिंह 3.रमाकांत करूआ
मनोज कुमार सिंह, धीरज कुमार सिंह और रमाकांत करूआ की सदस्यता हुई बहाल
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा कमिंस कर्मचारी यूनियन की पुरानी कमेटी द्वारा यूनियन से निकाले गये तीन पूर्व पदाधिकारियों को यूनियन की नई टीम ने सम्मानजनक तरीके से यूनियन की सदस्यता बहाल कर दी. यूनियन कार्यकारिणी की बैठक में यूनियन के तीनों पूर्व पदाधिकारियों की सदस्यता बहाल करने का फैसला हुआ. इसका नोटिस सोमवार 25 अगस्त को कंपनी के अंदर स्थित यूनियन के नोटिस बोर्ड पर लगा दिया गया.
उल्लेखनीय है कि दिव्येन्दू चक्रवर्ती की अध्यक्षता वाली यूनियन ने अलग-अलग आरोप लगाकर यूनियन के तीन पूर्व पदाधिकारी-मनोज कुमार सिंह, रमाकांत करूआ और धीरज कुमार सिंह को यूनियन से बाहर कर दिया था ताकि चुनाव में उनकी जीत सुनिश्चित हो सके. मगर कंपनी के कर्मचारियों ने उनकी शर्मनाक हार की कहानी लिख उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया. धीरज कुमार सिंह को 13 फरवरी 2023 को, मनोज कुमार सिंह को 9 अक्टूबर 2024 को और रमाकांत करूआ को 19 मई 2025 को यूनियन से निष्कासित किया गया था.


तानाशाही कार्यकाल रहा पुरानी यूनियन का-मनोज कुमार सिंह
यूनियन के पूर्व पदाधिकारी मनोज कुमार सिंह ने यूनियन की सदस्यता बहाल होने पर यूनियन के नवनिर्वाचित सदस्यों को धन्यवाद दिया है. उन्होंने कहा कि पुरानी यूनियन ने तानाशाही पूर्ण रवैया के साथ अपना कार्यकाल खत्म किया और पूरी तरह से तानाशाह बनकर मजदूरों का शोषण किया. उनके मुंह पर करारा जवाब है यह. इस तरह से असंवैधानिक रूप से किसी को भी यूनियन की सदस्यता से बाहर करना पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना और असंवैधानिक कदम था, जिसको अभी-अभी चुने गए प्रतिनिधियों ने निकाले गए यूनियन सदस्यों को पुर्नबहाल करके मजदूरों के बीच विश्वास जगाया है.
मैं आशा करता हूं कि नवनिर्वाचित प्रतिनिधि इसी तरह अपनी जिम्मेदारी को भविष्य में न्याय संगत तरीके से कार्य करते रहेंगे और मजदूरों के हित में फैसला लेंगे. उधर, रमाकांत करूआ ने कहा कि वर्तमान यूनियन ने बहुत ही सराहनीय कदम उठाया है. इससे मजदूरों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है. जिस तरह से मजदूरों ने इस चुनाव में एकतरफा बहुमत दिया, उसी विश्वास के अनुरूप यह पहल है.

