
उदित वाणी, जमशेदपुर : सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से गुरुवार 18 दिसंबर को “व्यवसाय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों का महत्व” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन चैंबर भवन बिष्टुपुर में किया गया. इस कार्यशाला में चैंबर के सदस्यों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, व्यावसायियों एवं पेशेवरों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही. कार्यशाला का उद्देश्य बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की बढ़ती भूमिका तथा पारदर्शिता, दक्षता और नियामकीय अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु सुदृढ़ आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों के महत्व पर प्रकाश डालना था. कार्यक्रम में यह बताया गया कि किस प्रकार तकनीक और सुशासन मिलकर व्यवसायों को अधिक सशक्त बना सकते हैं.कार्यक्रम की शुरूआत अध्यक्ष मानव केडिया के स्वागत भाषण से हुई. मंच संचालन मानद महासचिव पुनीत कांवटिया ने किया, जबकि विषय प्रवेश एवं वक्ताओं का परिचय उपाध्यक्ष हर्ष अग्रवाल ने कराया.

एआई के उपयोग से जोखिम को कम किया जा सकता है
कार्यशाला में गौरव बर्धन, पार्टनर, प्राइस वाटरहाउस एलएलपी, अंशुमन झुनझुनवाला, डायरेक्टर, प्राइस वाटरहाउस एलएलपी और श्रीमती श्रद्धा अग्रवाल, फाउंडर डायरेक्टर, इज़्ज़किटेक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड वक्ता थे. वक्ताओं ने अपने व्यापक अनुभव के आधार पर बताया कि किस प्रकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग प्रक्रिया स्वचालन, जोखिम प्रबंधन, धोखाधड़ी की पहचान एवं बेहतर निर्णय लेने में किया जा सकता है. साथ ही उन्होंने व्यवसायों की सुरक्षा और दीर्घकालिक विकास के लिए प्रभावी आंतरिक वित्तीय नियंत्रणों की आवश्यकता पर भी जोर दिया. व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडीज़ को प्रतिभागियों द्वारा विशेष रूप से सराहा गया. कार्यक्रम के दौरान प्राइस वाटर हाउस एलएलपी के दो अन्य अनुभवी विशेषज्ञ परख अग्रवाल और मेघा चौधरी भी उपस्थित थे.
व्यापारियों ने सवाल भी पूछे
प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यशाला को अत्यंत संवादात्मक एवं उपयोगी बना दिया. प्रतिभागियों ने बताया कि यह सत्र उन्हें तकनीक और वित्तीय नियंत्रणों के समन्वय को बेहतर ढंग से समझने में सहायक रहा.सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के ज्ञानवर्धक कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. अंत में धन्यवाद सचिव विनोद शर्मा ने किया.
इस दौरान उपाध्यक्ष अधिवक्ता राजीव अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल गोल्डी, सचिव भरत मकानी, अंशुल रिंगसिया, आकाश मोदी, मोहित मूनका, शुभम सेन, पवन नरेडी, पीयूष गोयल, उमेश खीरवाल, विष्णु गोयल, जेपी हीरवाल, मनीष गोयल, प्रांजल सरावगी, निवर्तमान अध्यक्ष विजय आनंद मूनका, सी.एल. शर्मा, रितेश संघी, पिंकेश अग्रवाल, सीए संजय गोयल, सीए किशन चौधरी, सीए विनोद अग्रवाल, सीए अमित अग्रवाल, अधिवक्ता अशोक शर्मा, मनीष चौधरी, राजेश अग्रवाल, मनीष आगीवाल के अलावा भारी संख्या में उद्यमी अधिवक्तागण एवं चार्टर्ड एकाउंटेंट उपस्थित थे.

