
उदित वाणी, जमशेदपुर : केबुल निर्माता कंपनी के रूप शुमार रही इन्कैब इंडस्ट्री मामले को लेकर शुक्रवार को कोलकाता स्थित एनसीएलटी में सुनवाई हुई. जस्टिस लव सिंह और रेखा कांतिवल की बेंच संख्या-2 में अंतिम सुनवाई हुई. सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. कोर्ट ने 15 दिनों में फैसला सुनाने की बात कही है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट में मौजूद इंडियन केबुल वर्कर्स यूनियन के महासचिव राम विनोद सिंह ने बताया कि सीओसी यानि कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स की 98 प्रतिशत सदस्यों ने वेदांता के पुनरुद्धार योजना का अनुमोदन कर दिया है. सीओसी में कंपनी के वित्तीय संस्थानों, बैंकों आदि के प्रतिनिधि शमिल होते हैं. वेदांता ने 545 करोड़ रूपये का पैकेज दिया है.
इसके अलावा अलग से सिर्फ़ कर्मचारियों के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है. वेदांता ने यह भी कहा है कि सीओसी कर्मचारियों के लिए पीएफ और ग्रेच्यूटी की जो राशि तय कर देगी ,वह भी कंपनी देने को तैयार है. टाटा स्टील और जेवीजी भी प्रमोटर की रेस में थे. ऐसे में वेदांता के पुनरुद्धार योजना को मंजूरी मिलने की संभावना है.
