उदित वाणी, नई दिल्ली: कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) में कार्यरत कर्मचारियों पर खर्च का लाभ प्रतिशत घटा है, जबकि उत्पादन का 82 प्रतिशत कोल डिस्पैच पावर सेक्टर को दिया गया है. पिछले पांच वर्षों में सीआईएल के कर्मचारियों का लाभ प्रतिशत हर वर्ष घटता ही जा रहा है.
सीआईएल के कर्मचारियों पर खर्च
वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक, कोल बिक्री से कुल आमदनी 92,800 करोड़ रुपये हुई. इसमें कर्मचारियों के लाभ पर 46 प्रतिशत राशि खर्च की गई. कर्मचारी वेतन और बोनस पर 26,930.02 करोड़ रुपये, पीएफ और अन्य फंड पर 5,319.11 करोड़ रुपये, और कर्मचारी कल्याण पर 1,911.22 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कुल मिलाकर लगभग 34,160.35 करोड़ रुपये होते हैं. इसके बावजूद, 2020-21 में कर्मचारियों पर खर्च किए गए लाभ का प्रतिशत 51 था.
आउटसोर्सिंग से उत्पादन में वृद्धि
सीआईएल में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक 204.90 मिलियन टन (एमटी) कोल उत्पादन किया गया, जबकि आउटसोर्सिंग से 395.47 मिलियन टन कोल उत्पादन किया गया. यह स्पष्ट है कि सीआईएल में आउटसोर्सिंग से कोल उत्पादन का कार्य लगातार बढ़ रहा है. नई कोल उत्खनन परियोजनाओं में भी आउटसोर्सिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है.
कोल डिस्पैच पावर सेक्टर में बढ़ा
सीआईएल ने कुल कोल डिस्पैच का लगभग 82 प्रतिशत पावर सेक्टर को दिया है. वित्तीय वर्ष 31 जनवरी तक, कुल कोल डिस्पैच 621.15 मिलियन टन रहा, जिसमें से 510.6 मिलियन टन कोयला पावर सेक्टर को भेजा गया. पावर सेक्टर को कोयला डिस्पैच में सबसे अधिक 132.9 मिलियन टन कोयला एमसीएल द्वारा, दूसरे नंबर पर 114.2 मिलियन टन कोयला एसईसीएल द्वारा और तीसरे नंबर पर 98.6 मिलियन टन कोयला एनसीएल द्वारा दिया गया है.
कोल उत्पादन लक्ष्य की दिशा में कदम
सीआईएल का वित्तीय वर्ष 2024-25 में कोल उत्पादन का लक्ष्य 838.20 मिलियन टन है. अब तक 31 जनवरी तक 621.15 मिलियन टन का उत्पादन हो चुका है, और आगामी दो महीनों (फरवरी और मार्च) में 217.05 मिलियन टन कोयले का उत्पादन करना है. पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में 773.65 मिलियन टन कोल उत्पादन किया गया था, और इस वर्ष 152.5 मिलियन टन कोल उत्पादन कर पिछले वर्ष के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा.
एआईटीयूसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान
एआईटीयूसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेंद्र कुमार ने कहा कि सीआईएल का उत्पादन और शुद्ध मुनाफा बढ़ा है, लेकिन कर्मचारियों पर खर्च लाभ का प्रतिशत घटा है. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की सुविधाओं पर अधिक खर्च किया जाना चाहिए ताकि उनके कल्याण में और सुधार हो सके.
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