
उदित वाणी, पटमदा : बोड़ाम थाना क्षेत्र के मिर्जाडीह ग्राम निवासी आदिवासी युवक मंगल सिंह ने गुरुवार को टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के दो अधिकारियों के खिलाफ रैयत जमीन पर बने मकान को जबरन तोड़ने व जातिसूचक शब्दों में गाली गलौज करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई है. दर्ज प्राथमिकी में मंगल सिंह ने कहा है कि बीते 5 अगस्त को दोपहर लगभग 12:30 बजे मिर्जाडीह स्थित मेरी पुश्तैनी रैयती जमीन — खाता संख्या 132, प्लॉट संख्या 1110, रकबा 14 एकड़ 72 डिसमिल पर स्थित मेरे अर्धनिर्मित मकान को टाटा स्टील के अधिकारियों और अंचल प्रशासन की मिलीभगत से बलपूर्वक ध्वस्त कर दिया गया.
जब हम ग्रामीण विरोध जताने पहुंचे तो टाटा स्टील लैंड डिपार्टमेंट के सुनील सिंह ने मुझे और मेरे समाज के अन्य लोगों को खुलेआम जातिसूचक गालियां दीं और धमकाया. उसके बाद राज सिंह ने भी हमें अपमानित करते हुए जातिगत टिप्पणियां की. ये बातें सार्वजनिक रूप से कही गईं, जिसे अनेक ग्रामीणों ने सुना और अनुभव किया. यह घटना मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए अत्यंत अपमानजनक है और एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 की धाराओं के तहत गंभीर आपराधिक कृत्य है.
मंगल सिंह ने उपरोक्त घटना में शामिल सुनील सिंह, राज सिंह सहित अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने, ध्वस्त किए गए मकान के ढांचे को पुनः स्थापित कराए जाने एवं उचित मुआवजा दिलाने एवं भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक कार्यवाही से पूर्व विधिसम्मत सूचना एवं प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किए जाने की मांग भी की है.
मंगल सिंह ने कहा है कि यदि इस गंभीर प्रकरण पर शीघ्र उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो वह मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग तथा उच्च न्यायालय की शरण लेने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन एवं टाटा स्टील की होगी. इस संबंध में बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि मामले में एससी एसटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है.
