उदित वाणी रांची: झारखंड में शासन व्यवस्था से जुड़े एक महत्वपूर्ण बदलाव को लागू कर दिया गया है। अब रांची और दुमका स्थित राजभवन नए नाम लोकभवन के रूप में पहचाने जाएंगे। राज्यपाल सचिवालय ने इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए तत्काल प्रभाव से नए नाम के उपयोग का निर्देश दिया है।
यह परिवर्तन केंद्र सरकार की उस व्यापक पहल का हिस्सा है, जिसके तहत राज्यों में राज्यपाल आवासों को ऐसे नाम दिए जा रहे हैं जो जनता के साथ सीधे जुड़ाव को दर्शाते हों। निर्देश जारी होने के बाद सभी सरकारी विभागों में “राजभवन” शब्द का उपयोग औपचारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है।
राज्यपाल संतोष गंगवार के अपर मुख्य सचिव नितीश मदन कुलकर्णी ने अधिसूचना को सार्वजनिक करते हुए बताया कि केंद्र सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक ढांचे को औपनिवेशिक प्रतीकों से मुक्त कर अधिक लोकतांत्रिक, सरल और जनहितकारी पहचान प्रदान करना है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 25 नवंबर 2025 को इस संबंध में आदेश जारी किया था, जिसके बाद राज्य स्तर पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी की गई।
ब्रिटिश काल से चले आ रहे ‘राजभवन’ और ‘राज निवास’ जैसे नाम उच्च पदस्थ प्रभारियों के आवासों के प्रतीक माने जाते थे, जिन्हें अब हटाकर शासन की जन-केन्द्रित सोच को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।


