उदित वाणी, रांची: हेमंत सरकार ने मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लगभग 56 लाख लाभुकों को होली से पहले जनवरी व फरवरी माह की 5-5 हजार रूपये की राशि का एकमुश्त भुगतान करने की घोषणा की है. अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा द्वारा गुरुवार को विधानसभा में भाजपा के वरिष्ठ विधायक सीपी सिंह के एक सवाल का जबाब देते हुए इसकी घोषणा की है. उन्होंने सदन को यह भी बताया कि मईंयां सम्मान की मार्च माह की भी राशि सभी जिलों को आवंटित कर दी गई है. यद्यपि मंत्री ने पहले मईंयां सम्मान की राशि 15 मार्च को हस्तांतरित करने की बात कही थी. लेकिन इसपर भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि होली के पहले महिलाओं को राशि मिल जाती तो उनके घरों में होली में पुआ-धुसका बन पाता. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि ये होली नहीं ईद के पहले महिलाओं को राशि देंगे. नोकझोंक के बाद मंत्री ने होली से पहले राशि खाते में हस्तांतरित कर देने की घोषणा की.
विधायक सीपी सिंह ने राज्य सरकार पर विधवा पेंशन व दिव्यांगों के साथ भेदभाव करने का लगाया आरोप
जबकि विधानसभा सत्र के तीसरे दिन सीपी सिंह ने अल्पसूचित प्रश्न के जरिये सवाल उठाते हुए राज्य सरकार पर विधवा पेंशन और दिव्यांगों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि 18 से 50 बर्ष की विधवा और दिव्यांग महिलाओं को सरकार प्रतिमाह सिर्फ एक हजार रूपये दे रही है. जबकि 18 से 50 साल की महिलाओं को 2500 रुपये की राशि दी जाती है. उन्होंने सवाल पूछा कि 18 से 50 बर्ष के विधवा व दिव्यांग महिलाओं को 2500 रुपये क्यों नहीं दिया जा रहा है. उनका क्या दोष है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वे सभी को एक समान 2500 रुपये दें. इस सवाल पर मंत्रियों ने अजीबोगरीब उत्तर दिया. मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने विधायक सीपी सिंह को मईंयां सम्मान योजना की नियमावली पढ़ने की सलाह दी. वहीं मंत्री चमरा लिंडा ने केंद्र से ही सहयोग मांग की. यद्यपि लिंडा ने कहा कि विधवा की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए उनके पुनर्विवाह पर राज्य सरकार द्वारा 2 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है. यह हमारी सरकार का बड़ा कदम है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विधवा व दिव्यांगों को भी राज्य सरकार 5 हजार रूपये प्रतिमाह देने को तैयार है. लेकिन केंद्र सरकार हमें इस राशि के लिए 3000 रुपये का अनुदान दे. वहीं मंत्री चमरा लिंडा के इस जबाब पर सीपी सिंह ने पूछा कि क्या आपने मंईयां सम्मान योजना लागू करते समय केंद्र से पूछा था.
रसोईया को मिलगा 3000 रूपये प्रतिमाह
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने सदन में घोषणा की है कि उनकी सरकार स्कूलों के रसोईया को 3000 हजार रूपये प्रतिमाह देगी. इसको लेकर बजटीय प्रावधान किया गया है. इस संबंध में भाजपा विधायक सत्येन्द्रनाथ तिवारी ने सवाल उठाया था. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि रसोईया को 1000 हजार रूपये का भुगतान किया जाता है और यह राशि भी पिछले 5-6 माह से नहीं दी जा रही है.
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