उदित वाणी, देवघर: शिवरात्रि के पावन अवसर पर देवघर स्थित बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है. जैसे ही मंदिर के पट खुले, भक्तों की लंबी कतार जलाभिषेक करने के लिए भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने पहुंची. हर साल की तरह इस बार भी श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से पूजा अर्चना करने आए हैं.
बैद्यनाथ धाम का ज्योतिर्लिंग भक्तों की मनोकामना पूरी करता है
माना जाता है कि शिवरात्रि के दिन यदि कोई भक्त बैद्यनाथ धाम के ज्योतिर्लिंग का स्पर्श करता है, तो उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती हैं. इस विश्वास के साथ लोग दूर-दूर से यहां पूजा करने आते हैं. श्रद्धालुओं ने मंदिर के प्रशासन द्वारा किए गए इंतजामों की सराहना की और कहा कि इस वर्ष विशेष रूप से व्यवस्था बहुत बेहतर की गई है.
जिला प्रशासन की प्रभावी व्यवस्था पर संतुष्टि
अलग-अलग जिलों और क्षेत्रों से आए भक्तों का कहना है कि शिवरात्रि के दिन देवघर में काफी भीड़ जुटती है. झारखंड और बिहार के लोग इस दिन पूजा करने के लिए यहां पहुंचते हैं, जिससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है. हालांकि, जिला प्रशासन के द्वारा किए गए इंतजामों को लेकर भक्त पूरी तरह संतुष्ट दिखे हैं और उनकी मान्यता है कि इस बार व्यवस्था बहुत प्रभावी रही है.
महाशिवरात्रि: इच्छाओं की पूर्ति का दिन
मंदिर के पुजारी जयशंकर पंडा ने बताया कि महाशिवरात्रि झारखंड के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है. इस दिन लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं और भगवान भोलेनाथ की पूजा करके अपनी इच्छाओं की पूर्ति की कामना करते हैं. पंडा ने बताया कि पुरानी मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि भगवान भोलेनाथ के विवाह का दिन है.
शिव बारात: शाम को निकलने वाली शोभायात्रा
शाम होते ही देवघर शहर के के.के एन स्टेडियम से शिव बारात निकाली जाएगी, जो मंदिर तक पहुंचेगी. इस बारात में राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य गणमान्य लोग भी शामिल होंगे. रात को मध्य रात्रि में शिव और पार्वती का विवाह होगा, जो इस पावन दिन की विशेषता को और भी अद्वितीय बना देगा.
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