
उदित वाणी, जमशेदपुर: राज्य के शिक्षण-प्रशिक्षण कालेजों एवं संस्थानों में संचालित बीएड एवं डीएलएड पाठ्यक्रम वाले छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण के लिए स्कूलों का आवंटन अब झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) करेगी.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह निर्णय लिया है. अभी तक स्कूलों का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा किया जाता था. स्कूलों के आवंटन में गड़बड़ी की बात सामने आने के बाद राज्य स्तर पर स्कूलों के आवंटन का निर्णय लिया गया है. स्कूली शिक्षा एवं
साक्षरता विभाग के निर्णय के बाद जेसीईआरटी ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है.
इसके तहत सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों व जिला शिक्षा अधीक्षकों को बीएड व डीएलएड कोर्स संचालित करनेवाले संस्थानों का ब्यौरा उपलब्ध कराने को कहा गया है.
प्रत्येक संस्थानों में कितनी सीटों पर नामांकन होता है तथा कितने छात्र-छात्राएं नामांकित हैं इसकी भी जानकारी देने को कहा गया है. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि व्यावहारिक प्रशिक्षण के बाद छात्र-छात्राओं का प्रशिक्षण भी जेसीईआरटी द्वारा प्रदान किया जाएगा.
संबंधित जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा स्कूल के प्रधानाध्यापक की अनुशंसा पर यह प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा.
अप्रैल के चौथे सप्ताह में होगी वार्षिक परीक्षा
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से सात के विद्यार्थियों की वार्षिक परीक्षा (समेटिव असेसमेंट-2) अप्रैल के चौथे सप्ताह में आयोजित की जाएगी.
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के. रवि कुमार ने इसे लेकर सभी आवश्यक तैयारी करने के निर्देश जेसीईआरटी तथा झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद को दिए हैं. इसकी जानकारी सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों तथा जिला शिक्षा अधीक्षकों को दी गई थी. बता दें कि स्कूलों में अर्द्धवार्षिक परीक्षा (समेटिव असेसमेंट-1) जनवरी माह में आयोजित की गई थी.

