उदित वाणी जमशेदपुर : कभी यूरेनियम खनन और यूसील परियोजना के कारण पहचान रखने वाला पूर्वी सिंहभूम का जादूगोड़ा इलाका अब तेजी से साइबर अपराध के बढ़ते नेटवर्क को लेकर सुर्खियों में है। जामताड़ा मॉडल की तर्ज पर यहां के कई गांवों में साइबर ठगी का जाल फैलता दिख रहा है, जहां कम समय में अधिक पैसा कमाने की चाहत युवाओं को अपराध की ओर धकेल रही है।
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के कोकदा, इचड़ा, कुलडिहा, बुर्काडीह, राखामाइंस, राखाकॉपर, तिलामुड़ा, आसानबनी और वीरग्राम जैसे गांवों के नाम लगातार साइबर ठगी मामलों में सामने आ रहे हैं। मोबाइल, इंटरनेट, टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए देशभर के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। ठग गूगल रिव्यू रेटिंग, ऑनलाइन गेम टास्क और डिजिटल अरेस्ट जैसे हथकंडों का इस्तेमाल कर लोगों को झांसे में लेते हैं।
हाल में दिल्ली पुलिस ने जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी करने वाले एक युवक को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई आईडी और डिजिटल वॉलेट के जरिए ट्रांसफर कराई जाती थी। आरोपी करीब 10 प्रतिशत कमीशन पर पैसे इधर-उधर कराते थे, जबकि शेष राशि गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचती थी। इसी काले धन से महंगे मोबाइल, बाइक और लग्जरी लाइफस्टाइल को बढ़ावा दिया जा रहा था।
सिर्फ जादूगोड़ा ही नहीं, बल्कि घाटशिला, पोटका, कोवाली और चाकुलिया क्षेत्र में भी साइबर अपराध के मामले तेजी से बढ़े हैं। चिंता की बात यह है कि यूसील कर्मी और रिटायर्ड कर्मचारी भी ठगों के आसान निशाने बन रहे हैं।
फरवरी 2026 में यूसील के रिटायर्ड कर्मी बीमल माइति को करीब डेढ़ महीने तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर साइबर अपराधियों ने 1.21 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इससे पहले यूसील कर्मी अर्जुन शर्मा से 3.20 लाख, गुरजीत सरदार से 1.20 लाख, जबकि अन्य कर्मियों से भी हजारों से लाखों रुपये ठगे जा चुके हैं। वर्ष 2005 में वैज्ञानिक आरएल पटनायक के खाते से 1.27 करोड़ रुपये उड़ाने का मामला भी चर्चा में रहा था।
पुलिस रिकॉर्ड पर नजर डालें तो 18 जनवरी 2024 को चाकुलिया पुलिस ने छह साइबर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। वहीं अगस्त 2025 में जादूगोड़ा और कोवाली पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में कई साइबर अपराधियों को दबोचा। मार्च 2026 में सीआईडी ने घाटशिला में छापेमारी कर एक आरोपी को पकड़ा, जिसने खुद को ईडी अधिकारी बताकर रिटायर्ड डॉक्टर से 38.62 लाख रुपये ठगे थे। इसके दस दिन बाद दिल्ली पुलिस ने जादूगोड़ा के इचड़ा गांव से राज भकत को गिरफ्तार किया, जिस पर दिल्ली निवासी से सात लाख रुपये की ठगी का आरोप था।
लगातार हो रही गिरफ्तारियों के बावजूद साइबर नेटवर्क का फैलाव पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो जादूगोड़ा और आसपास का इलाका झारखंड के “दूसरे जामताड़ा” के रूप में नई पहचान बना सकता है।

