उदित वाणी जमशेदपुर: जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई. इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु ए.सी (Abstract Contingent), डी.सी (Detailed Contingent) बिल और पी.एल (Personal Ledger) खातों के वित्तीय प्रबंधन की समीक्षा करना था. उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि वित्तीय अनुशासन में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
AC/DC बिलों के निष्पादन के लिए समयसीमा निर्धारित
बैठक के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तुत किए गए एसी और डीसी बिलों की वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा की. उन्होंने पाया कि कुछ विभागों में एसी बिल के विरुद्ध डीसी बिल लंबे समय से लंबित हैं. इस पर नाराजगी जताते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी करें और डीसी बिल समर्पित करें. उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी धन के व्यय में पारदर्शिता और नियमबद्धता अनिवार्य है.

PL खातों की समीक्षा और अनावश्यक राशि का सरेंडर
पीएल (PL) खातों की समीक्षा करते हुए कर्ण सत्यार्थी ने निर्देश दिया कि जिन खातों में अनावश्यक रूप से राशि पड़ी हुई है, उनकी पहचान की जाए. उन्होंने कहा कि ऐसी राशि को तुरंत सरकारी खजाने में सरेंडर किया जाए ताकि संसाधनों का प्रभावी और उचित उपयोग सुनिश्चित हो सके. उन्होंने पदाधिकारियों को हिदायत दी कि फंड को बिना कारण ब्लॉक करके न रखें.
उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) को प्राथमिकता देने का निर्देश
विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पूर्ण हो चुकी योजनाओं के उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) को समय पर जमा करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा, “उपयोगिता प्रमाण पत्र लंबित रहने के कारण नई योजनाओं के लिए आवंटन प्राप्त करने में बाधा आती है.” इसलिए, सभी विभाग इसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करें ताकि जिले के विकास कार्यों की गति धीमी न पड़े.
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
अंत में, उपायुक्त ने सभी विभागों को वित्तीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सभी विभागीय कार्यों में निर्धारित सरकारी प्रक्रियाओं का अनुपालन अनिवार्य है.
इस बैठक में मुख्य रूप से उप नगर आयुक्त (JNAC), जिला कल्याण पदाधिकारी, कोषागार पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता एवं अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे.


