उदित वाणी, जमशेदपुर: लौहनगरी के भक्तों के लिए आस्था और भक्ति का एक बड़ा समागम होने जा रहा है। विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी जी आगामी 31 मार्च से 2 अप्रैल तक जमशेदपुर में ‘नानी बाई रो मायरो’ की त्रिदिवसीय संगीतमय कथा का अमृत पान कराएंगी। साकची स्थित राजेंद्र विद्यालय के बगल में बोधि मंदिर मैदान (चंदूलाला अशोक कुमार भालोटिया सभागार) में इस भव्य आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

तीन दिनों तक बहेगी भक्ति की धारा :
कथा प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक चलेगी।
प्रथम दिवस (31 मार्च): भक्त नरसी मेहता का जीवन परिचय, शंकर भगवान से मिलन और श्रीकृष्ण महारास दर्शन।
द्वितीय दिवस (01 अप्रैल): कुमकुम पत्रिका का पहुँचना, नरसी मेहता का अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मेहता मिलन।
तृतीय दिवस (02 अप्रैल): नानी बाई और नरसी मेहता मिलन तथा श्रीकृष्ण द्वारा रुक्मणी सहित ‘मायरा’ भरने का भावपूर्ण प्रसंग।
प्रवेश के लिए ‘प्रवेश पत्र’ अनिवार्य:
आयोजकों – नारायणी सेवा ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि कथा में प्रवेश पूरी तरह नि:शुल्क है, लेकिन सुव्यवस्थित व्यवस्था बनाए रखने के लिए भक्तों को प्रवेश पत्र दिखाना अनिवार्य होगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बहेगी ज्ञान की गंगा:
जो श्रद्धालु व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने में असमर्थ हैं, उनके लिए जया किशोरी जी के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था की गई है। ट्रस्ट ने अपील की है कि श्रद्धालु सपरिवार और इष्ट-मित्रों सहित पधारकर इस कथा पीयूष का रसास्वादन करें और अपने जीवन को धन्य बनाएं।
21,000 वर्ग फीट में लगाया जा रहा भव्य टेंट:
नारायणी सेवा ट्रस्ट द्वारा ज़ोर-शोर से कार्यक्रम की तैयारियाँ की जा रही हैं. तैयारियाँ अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और ट्रस्ट के सदस्य लगातार व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं. कार्यक्रम स्थल बोधि मंदिर मैदान (चंदूलाला अशोक कुमार भालोटिया सभागार) में लगभग 21,000 वर्ग फीट क्षेत्रफल में टेंट लगाया जा रहा है. यहां 3,000 लोगों के बैठने की सुसज्जित व्यवस्था की जा रही है.
कार्यक्रम को सफल और सुव्यवस्थित बनाने के लिए ट्रस्ट द्वारा विभिन्न जिम्मेदारियाँ सदस्यों के बीच बांट दी गई हैं.
महिलाओं को विशेष जिम्मेदारियां : नेहा सोंथालिया, मेघा चौधरी, कृतिका गुप्ता, रिंकी भालोटिया, विजय लक्ष्मी भालोटिया, स्नेहा अग्रवाल सहित अन्य महिलाओं को पंडाल में आने वाले श्रद्धालुओं को सुव्यवस्थित तरीके से बैठाने और उनकी सुविधा का ध्यान रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
पूजा एवं समन्वय व्यवस्था : तीनों दिन पूजा-पाठ एवं समग्र व्यवस्थाओं की निगरानी समीर दिवान, अजय खेमका और अजय अग्रवाल द्वारा की जाएगी, ताकि कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सके.
पंडाल निर्माण एवं विधि व्यवस्था : पंडाल निर्माण की पूरी जिम्मेदारी कैलाश सरायवाला, राम रतन कांवटिया और अनिल नरेडी को दी गई है. वहीं पंडाल में विधि-व्यवस्था और सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी अनिल नरेडी, रोहित अग्रवाल और अभिषेक अग्रवाल (गोल्डी) को सौंपी गई है.
ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बताया कि सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएंगी और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है.
समाज के प्रमुख लोगों का सहयोग:
नारायणी सेवा ट्रस्ट (नारायणी धाम, सोनारी) के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शहर के 100 से अधिक गणमान्य समाजसेवी और परिवार ‘सहयोगकर्ता’ के रूप में जुड़े हैं। आयोजन समिति ने भक्तों से अपील की है कि वे समय से पूर्व स्थान ग्रहण कर लें ताकि कथा का रसास्वादन निर्बाध रूप से किया जा सके।
इन प्रमुख सहयोगियों ने संभाला मोर्चा: इस भव्य आध्यात्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने के लिए नारायणी सेवा ट्रस्ट के साथ शहर के प्रमुख परिवारों और समाजसेवियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की है। आयोजन को भव्यता देने में निम्नलिखित सहयोगकर्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है:
प्रमुख सहयोगी परिवार: अग्रवाल परिवार: सरोज-अनिल अग्रवाल, विनीता-आशीष अग्रवाल, सरिता-बिमल अग्रवाल, किरण-बिमल अग्रवाल, संगीता-बिनोद अग्रवाल, मोनिका-चेतन अग्रवाल, निर्मला-दिलीप अग्रवाल, शिल्पी-कृष्णा अग्रवाल, सुमित्रा-महेश अग्रवाल (सी ए), नीता-महेश अग्रवाल, ज्योति-मनोज अग्रवाल, हेमा-मनोज अग्रवाल, बबीता-मोहन अग्रवाल, परणिका-नवीन अग्रवाल, अनीता-प्रदीप अग्रवाल, प्रभा-राज कुमार अग्रवाल, प्रतिमा-राजन अग्रवाल, कांता-रमेश अग्रवाल, मृदुला-रमेश अग्रवाल, प्रेमलता-रामावतार अग्रवाल, प्रीति-तोहित अग्रवाल, स्नेहा-संगम अग्रवाल, मधु-संजय अग्रवाल, नीलम-संजय अग्रवाल, ममता-सुभाष अग्रवाल, पूजा-सुधीर अग्रवाल, रश्मि-विशाल अग्रवाल। भालोटिया परिवार: पूजा-अभिषेक भालोटिया, टिंकी-चिंटू भालोटिया, सरिता-राजू भालोटिया। गुप्ता व गर्ग परिवार: नेहा-अमित गुप्ता, श्वेता-अमित गर्ग, रश्मि-जीतू गर्ग, प्रीति-जीतू गर्ग, नीतू-राजेश गर्ग, अर्पिता-राहुल गर्ग। सरायवाला परिवार: पिंकी-अमित सरायवाला, सुमन-अनिल सरायवाला, मीना-कैलाश सरायवाला, लता-ललित सरायवाला। सोनथालिया व केडिया परिवार: स्नेहा-अभिषेक सोनथालिया, अनु-किशन सोनथालिया, सुजाता-चतुर्भुज केडिया, आभा-मनोज केडिया। चौधरी व मित्तल परिवार: पल्लवी-राहुल चौधरी, माया-सचिन चौधरी, प्रीति-विजय मित्तल, विदिशा-विकास मित्तल।
इसके अलावा सोनारी, साकची और बिष्टुपुर के कई अन्य गणमान्य परिवारों ने भी इस तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ कथा को सफल बनाने के लिए अपना बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया है।
जमशेदपुर में ‘नानी बाई रो मायरो’ :
31 मार्च (मंगलवार) से 2 अप्रैल (गुरूवार)
समय : प्रतिदिन दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक
स्थान : साकची स्थित बोधि मंदिर मैदान (चंदूलाला अशोक कुमार भालोटिया सभागार), राजेंद्र विद्यालय के बगल में


